अपना लंड मेरी चूत मै डाले रहो.. BFSex गरम गरम और गाढ़ा गाढ़ा और जब मेरी चूत भर रही थी मुझे बहुत ही अच्छा एहसास होने लगा।फिर हेमंत मेरे अंदर ही झड़ गया और मेरे ऊपर ही थोड़ी देर लेटा रहा तभी कुछ देर बाद उसने मेरी चूत के अंदर से अपना लंड बाहर निकाला और मुझे चूस कर साफ करने को कहा। तभी उसने अपना लंड बाहर निकाला तो मै देखकर डर गयी.. लेकिन मुझसे ठीक से चला नहीं जा रहा था और हेमंत मुझे अपनी बाईक पर केमिस्ट के पास ले गया। फिर वहाँ से उसने मुझे 2 दवाइयाँ दिलाई.. लेकिन हक़ीकत में.. मै उसकी तारीफों के शब्द से निढाल हो रही थी और मेरी निप्पल खुशी से कड़क हो गई थी। अब मै सिर्फ़ पेंटी मै उसकी बाहों मै थी और उसने मेरे होंठ चूस रहा था और मेरे निप्पल को चूसने लगा लेकिन मेरे निप्पल को कोई मर्द पहली बार चूस रहा था और यह मैंने अपने पति के लिए रखे थे।इस्स्स्सस अह्ह्ह्ह बहुत अच्छा लग रहा था और धीरे धीरे मेरी आँखें बंद हो रही थी। अब उसने अपने मुहं से खींचकर मेरी जीभ को अपने मुहं मै ले लिया और मेरी जीभ सक करने लगा। यह सब मेरे लिए कुछ नया था और मै उस पल को एंजाय करती जा रही थी।उसने फिर धीरे धीरे मेरे पूरे















