वो अपने कमरे में चली गई, मैं कृतिका के कमरे में गया कृतिका उस दिन भारतीय नारी के तरह उठ कर आई और मुझे प्रणाम की, मैंने भी उसको उसी स्टाइल में उठाया, आज मैं भी बहुत खुश था, बेड पे लिटा दिया, और पूछा की आज इजाजत है.तो बोली “आज भी पूछने का दिन है” ओह्ह्ह मेरे जिस्म में तो आग लग गया, मैंने उसको कोमल होठो को चूसने लगा, बूब्स को ऊपर से दबाने लगा, वो भी मेरे बाल को सहलाने लगी, मैंने धीरे धीरे कर के उसके ब्लाउज को खोल दिया, मैंने पूछा कौन सा नम्बर का ब्रा है, बोली 32 का है जी. XXXBF “Cute Girl Suhagrat”पर मेरा लंड सलामी दे रहा था, उसके गोर गोर बूब्स उसपर से कत्थई रंग का निप्पल ओह्ह्ह्ह ल्ह्ह्ह्ह्ह मेरी नजर पड़ते ही, मैं हैवान हो गया और लंड में थोड़ा वेसलिन लगा कर चूत के ऊपर रख कर पैर फैला कर घुसाने की कोशिश करने लगा, कृतिका अपना जिस्म कडा कर दी, और पैर मेरे पेट में सटा दी.मेरे लंड उसके टाइट चूत में जा नहीं रहा था, पर मैं करता भी क्या, मेरे बदन में विजली दौड़ रही थी, मैंने उसके होठ को फिर से चूसना सुरु कर दिया, फिर से कृतिका के चूत में घुसाने की कोशिश की पर कृतिका रोने लगी, मैंने कहा रोती क्यों है थोड़ा दर्द होगा,















