मैं तुझको मारुंगी या डाँटूंगी नहीं ! मैं कोई भागी नहीं जा रही हूँ, जोर से मसलने पर दर्द होता है।लेकिन मैं अपनी धुन में ही उसके चूतड़ मसलता रहा और वोह ओह्हह्हह्ह।।।।।।।।।।। अययययीए।।।।। करती रही। यह आवाजें सुन कर मेरा लण्ड बेताब हो रहा था और पैन्ट के अंदर से ही उसकी नाभि के आस पास टक्कर मार रहा था। मैंने उसके कान में फ़ुसाफ़ुसाते हुये कहा- अपनी सलवार कमीज़ उतार दो !तो पहले तो वो मना करने लगी लेकिन जब मैंने उसकी कमीज़ ऊपर को उठानी शुरु की तो उसने कहा- रुको बाबा ! BFSex मैं तो यह कहने आई हूँ कि तू उस दिन छत से क्या देख रहा था?तो मैं अनजान सा बनने लगा और कहा- जीजी आप कब की बात कर रही हैं, मुझे तो कुछ ध्यान नहीं है।तो उन्होंने हल्का सा मुसकरा कर कहा- साले बनता है ! कहीं जवान लड़कियों से ऐसी बात पूछी जाती है !तो मैंने पूछा- फिर किससे पूछी जाती है?तो उसने इतना ही कहा- मुझे नहीं मालूम !अब मैं समझ गया था कि वो उस रोज देखने से ज्यादा नाराज़ नहीं थी। उस समय तक मेरा डर काफ़ी हद तक कम हो गया था और मेरा लण्ड खड़ा होना शुरु हो गया था।मुझे फिर मस्ती सूझी और मैंने फिर से चंचल से पूछा- जीजी बताओ ना कि तुम उस रोज क्या कर















