भाई के सोने के थोड़ी देर में भाभी आई और मेरे पैर की साइड जो सोफा लगा था उसमे बैठ गई. XXXBF सबसे पहले मैने ब्रा को उठाया और जी भर के देखा ये वोही ब्रा थी जो कुछ देर पहले भाभी के दूधों से चिपकी हुई थी. ये सोच कर कि “जहाँ थोड़ी देर पहले ये भाभी से चिपकी थी अब मेरे से चिपकी है जहाँ भाभी की चूत थी वहाँ अब मेरा लंड है.”यही सोचते सोचते मेरा हाथ मेरे लंड पर चलने लगा और थोड़ी ही देर में मैने मैने पिचकारी छोड़ दी. भाभी ने मेरे सर पर हाथ फेरते हुए कहा. सचमुच मैने आपको अच्छी लगती हूँ. मेरा पूरा ध्यान अब वही था, भाभी पहले पेंट के ऊपर से हल्के हाथो से मेरे लंड की लंबाई मोटाई माप रही थी.फिर भाभी ने मेरी चैन खोल कर मेरा लंड बाहर निकाल लिया था और उसे धीरे धीरे हल्के हाथो से सहला रही थी. मैं धीरे से उनसे और चिपक गया अब मेरा मूह भाभी के पेट से चिपका था और भाभी के दूध मेरे इतना करीब कि मैं अगर अपना मूह थोड़ा सा भी उपर करूँ तो शायद वो मुझसे टच हो जाते.मेरे साँसें गर्म हो चुकी थी और मैं उसे जान बूझ कर भाभी के दूधों के पास ‘जहाँ ब्रा ख़तम होती है’ छोड़ रहा था.















