मैंने उन्हें बैठने को कहा और उससे उसकी तबियत पूछी.उसने कहा कुछ नहीं हुआ, आपकी वजह से मैं उस दिन बच गयी नहीं तो मैं तो शायद बेहोश ही हो गयी थी उसने अपना नाम बताया, आस्था और उसकी दोनों सहेलियां थी प्रियंका, और सोनम. बचपन से ही बॉडी बिल्डिंग और जुडो कराटे में रूचि होने के कारण हमेशा से ही बहुत सी लड़कियों की नज़रों में चढ़ा रहा हूँ. XXX Hindi और उसकी सिसकारियां फिर गूंजने लगी थीं।प्रियंका फिर खिड़की के बाहर देख रही थी और सोनम और शोहित के लिए हमारे पास टाइम ही नहीं था। अब तक खाते पीते ऊँगली करते, बूब्स मसलते हम लोग पिपरिया पहुँच चुके थे। इसके आगे चित्रकोट की घाटियाँ शुरू हो जाती हैं। शोहित की ड्राइविंग बहुत अच्छी है। ऐसी जगह पर भी वो ५० की स्पीड पर गाड़ी चला रहा था.अब घुमाव पर गाड़ी में हम पूरे के पूरे दायें या बाएँ झुक जाते थे, मेरी तो ऐश थी, आस्था के साथ साथ अब मुझे प्रियंका के बूब्स भी कोहनी से सहलाने का मौका मिल रहा था। अक्सर मैं उसकी तरफ गाड़ी मुड़ने पर उसकी जाँघों पर हाथ रख देता था और कोहनी खड़ी करके उसके बूब्स पर टिका देता था कभी वो संभलने के लिए मेरी जांघ पर।अब आस्था तो पूरी तरह से तैयार थी अब मैं प्रियंका पर पूरा ध्यान दे रहा था।















