मैं चिल्लाती रही “आआअह्ह्ह्हह एआइइइइ अम्मम्म” अब वो मेरी चुत को सलवार क ऊपर से सहलाने लगे मेरे तो होश ही उड़ गए, वो मेरी चुत को दबाने लगे मैं न जाने किस दुनिया में पहुंच गयी.अब चाचा ने मेरी सलवार के अंदर हाथ डाला और पेंटी न होने पर बोले “मेरी रंडी बिना पैंटी के मेरे लोडे के लिए तैयार बैठी थी”. फिर चाचा ने धके लगाने शुरू किये “आअह्ह्ह्ह आअह्ह्ह आअह्ह्ह” की चींखों से सारा घर गूंजता रहा.लौड़ा मनो मेरी चुत को खोदता जा रहा था, हर धके के साथ गहराई बढ़ती जा रही थी, ऐसा लग रहा था की अगर लौड़ा बड़ा होता तो पेट में जा कर धका मरता. XXXBF मेरी जान मानो निकल ही जाएगी और दो झटकों के साथ चाचा जी ने मेरे गले को और मुँह को अपने स्वादिष्ट वीर्य से भर दिया.मैं सांस भी नही ले पा रही थी पर इसके बाद उन्होंने मेरे मुँह से अपना लौड़ा निकाल दिया मेरी सांस में साँस आयी, मैं सोच रही थी की अब सब ख़तम हो गया, पर ये मेरी गलतफहमी थी. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.पांच सेकंड के बाद “आह्ह्ह्हह आआआहहह म आ आए आ आह अहा अहा अहा मर गयी” की आवाज निकली मेरी. फिर वो कपडे पहन कर सो गए, मैं एक चूड़ी कुटिया की तरह बेड पर















