म…म..मुझे अच्छा नहीं लगता.. एक बार मेरे लौड़े को अपनी चूत और गाण्ड में ले कर मेरा जीवन सफल कर दो।अभिषेक- चुप भी करो सालों.. XXXBF अब चल तू बैठ.. प्लीज़ मनीष सर, आहह अब रहा नहीं जाता.. इतना बोल कर तनुजा ने मनीष को इशारा कर दिया कि टूट पड़ो इस सेक्स की मलिका पर..मनीष को तो बस इसी मौके का इन्तजार था। वो श्रेष्ठा के ऊपर लेट गया और सबसे पहले उसके मखमली होंठों को चूसने लगा। उसका अंदाज ऐसा था कि श्रेष्ठा भी उसका साथ देने लगी। वो दोनों एक-दूसरे के होंठ चूसने लगे.. कुछ भी बोलती रहती हो.. जिसके कारण उसकी फाँकें चमक रही थीं और हल्की-हल्की एक मादक खुशबू आने लगी। श्रेष्ठा ने अपने चूचों पर हाथ घुमाया और धीरे-धीरे अपनी चूत तक ले गईउसकी आँखें बंद थीं और चेहरे के भाव बदलने लगे थे। इससे साफ पता चल रहा था कि उसको कितना मज़ा आ रहा होगा।थोड़ी देर श्रेष्ठा वैसे ही अपने आपको निहारती रही और उसके बाद गंदी कहानी की किताब लेकर बिस्तर पर पेट के बल लेट गई और कहानी पढ़ने लगी। वो कहानी दो बहनों की थी कि कैसे बड़ी बहन अपने बॉय-फ्रेंड से चुदवाती है और अपनी छोटी बहन के साथ समलैंगिक सम्बन्ध बनाती है..















