सबने खाना खाया और फिर मां ने कहा।मां – जीजी वोह में सोच रही थी क्यों ना घर का रेनोवेशन करवा लेते हैं हृतिक के रूम में भी हल्का पानी आता हैं और टैरेस भी काफी बेकार हो रहा हैं तो इस वजह से सही भी होजाएगा।बड़ी बुआ- ठीक हैं भाभी जैसा ठीक लगे मुझे भी रूम का क्लर चेंज करवाना था वो भी होजाएगा।हर्षिता दीदी – बुआ मेरे रूम का भी करवाना है मुझे और शेल्फ बनवानी है एक बुक्स की और।श्रृष्टि दीदी – मेरे रूम में सिर्फ कलर और लाइट्स का प्रोब्लम हैं।मैं बोल पड़ा की छोटी बुआ आपका भी रूम देखलो कुछ करवाना हो तो।छोटी बुआ- नही हृतिक ज्यादा कुछ तो नही हां सोच रही थी एक बाथटब लगवा लूं बड़ा मन करता है गर्म पानी में लेते रहने का रिलीफ भी मिलता हैं और सुकून में भी।मैं – तो ठीक हैं जिसकी रूम की जो रिक्वायरमेंट हैं मुझे व्हाट्सएप करदो आप सब में एक प्रेजेंटेशन बना के किसी इंटीरियर वाले को बोल देता हूं।मां – अरे वाह मेरे बाबू कितना ध्यान है तुझे हमारी जरूरतों का।बड़ी बुआ- हम बेबी वाकई में जान छिड़कता हैं हम पर लव यू बेबी।मैं – इतना प्यार मत दीजिए छोटा सा तो काम है।इतना कहके में रूम चले जाता हूं और बाकी सब भी।फिर करीब रात के 11 बजे मेरे फोन पर अनुराधा















