.ईईईईईईई..करके गर्म गर्म सिसकारी ले रही थी। मंजेश मेरी रसीली चूचियों को जोर जोर से काट काटकर मेरे आम चूस रहा था, इसलिए मेरी निपल्स बिलकुल टन्न होकर खड़ी हो गयी थी। मेरे बूब्स अब और बड़े होकर तन गये थे। आज तो जैसे मंजेश की लाटरी निकल गयी थी।वो मजे से मेरे बड़े बड़े रसीले आम मुंह में लेकर चूस रहा था। फिर वो मेरी चूत में ऊँगली करने लगा। फिर वो लेटकर मेरी चूत पीने लगा। मैं भी चुदना चाहती थी, इसलिए मैंने अपने दोनों पैर खोल दिए। मेरी रसीली बुर मंजेश के सामने थी। वो जीभ लगाकर मेरी चूत को पुरे जोश खरोश से पी रहा था। धीरे धीरे मैं भी मस्ताने लगी।ओह्ह्ह्ह माँ… अहह्ह्ह्हह उहह्ह्ह्हह…. BF XXX मेरा नाम माध्वी मैं बलिया की रहने वाली हूँ। मैं इस समय २३ साल की हूँ, मेरी पढाई पूरी हो चुकी थी और मैं मंजेश (मेरे बॉयफ्रेंड) से बहुत प्यार करती थी। जहाँ मैंने ठाकुर जाति से थी, वही मंजेश छोटी जाति से था। वो अनुसूचित जाति में आता था और जात से चमार था। Rasili Bur Chudaiमैं मंजेश से कई बार चुदवा चुकी थी। मेरी उससे मुलाकात कॉलेज में ही हुई थी। वहीँ मेरी उससे मुलाक़ात हुई और फिर प्यार हो गया। हम घर से बाहर मिलते रहे। मंजेश मुझसे बहुत प्यार करता था जब भी मैं उससे मिलने जाती थी, वो















