अभी आराम कर रहे थे कि मेरी सास पिताजी के पास आ गयी.समधन- आप की ग़लती नही थी.पिताजी- क्या कहा.समधन- रात मे आपकी ग़लती नही थी.पिताजी- मैं कुछ समझा नही. ऐसा करने से पिताजी को लगा कि ज़्यादा आवाज़ नही होगी. XXX Hindi फिर भी समधन ने कमरे मे आराम करने का फ़ैसला किया. मेरी सास को लगा कि कल की तरह समधी जी उनसे बात करेंगे. समधन का नंगा बदन देख कर पिताजी समधन पर टूट पड़े .और उसके बदन पर किस करने लगे. माँ ने पिताजी को खुश कर दिया और खुश करने वाली थी.माँ और पिताजी चुदाई करके एक दूसरे से चिपक कर नॉर्मल होने लगे. इस तरह अचानक हुए हमले से समधन घबरा गयी. पिताजी ने देखा तो उनका हाथ माँ ने पकड़ा है. अपने पति पे माँ को गर्व था. लेकिन मैं ने माँ को बताया कि मुझे सब पता है. और समधन के मूह मे धक्का मारना शुरू किया.पिताजी के ऐसा करने से समधन को झटका लगा पर पिताजी धीरे धीरे कर रहे थे जिस से समधन को अच्छा लगने लगा. मेरे पिताजी और मेरी सास की कहानी मेरे पिताजी और उनके समधन की कहानी जो कभी ख़तम ही नही हुई.अपने दोस्तों के साथ शेयर करे- पिताजी ने एक बार लंड बाहर निकाल कर देखा तो पूरा लाल हो गया था.















