मैंने कहा कि नहीं, अब भी मुझे थोड़ा थोड़ा दुख रहा है तो वो मेरे मुहं से यह बात सुनकर पास बेड पर लेट गया और मेरे सर को अपने हाथ पर रख लिया और दूसरे हाथ से उसने मेरी चूत जो कि अब तक पूरी तरह से फट चुकी थी वो उसने उसे अब धीरे धीरे सहलाना शुरू कर दिया था.जिसकी वजह से करीब 30 मिनट के बाद मुझे आराम मिलने लगा और मेरा दर्द धीरे धीरे खत्म होने लगा, लेकिन दोस्तों उस रात के बाद जब में सोकर उठी तो में तीन दिन तक ठीक से चल भी ना सकी और उस चुदाई ने मेरी चाल के साथ साथ मेरी जिन्दगी को भी पूरी तरह से बदल कर रख दिया था. BFSex अब हम दोनों सोने लगे, करीब रात के 1.30 बजे में बहुत गहरी नींद में थी और फिर मुझे कुछ ऐसा महसूस हुआ कि में बिल्कुल हैरान रह गई.क्योंकि जब मेरी नींद खुली तो मुझे महसूस हुआ कि ध्रुव की उंगलियां मेरी पेंटी के ऊपर से मेरी चूत को छू रही है, लेकिन तब भी मैंने अपनी आखें बंद रखी और उसे ऐसा दिखाया कि में बहुत गहरी नींद में सो रही हूँ, थोड़ी देर बाद उसकी हिम्मत और जोश दोनों ही बढ़ने लगे.और अब उसने मेरी पेंटी को एक साईड से थोड़ा ऊपर किया और अब वो अपनी















