सब कुछ बढ़िया चल रहा था.लेकिन जैसे कि परिवर्तन दुनिया का नियम, तो इसी तरह मेरी जिन्दगी मे भी कुछ बदलाव आया, जिसने मेरी जिन्दगी मे काफी कुछ बदल दिया. मेरे पास, अपने हर दरवाजे की डुप्लीकेट चाबी होती है और मैने उस चाबी से बड़े ही सलीके से और बिना आवाज़ के दरवाजा खोला और झट से अंदर घुस गयी. BFSex रविवार वाले दिन, मै सो गयी और रवि ने अपने कमरे को बंद कर लिया और पूरा नंगा हो कर ब्लूफिल्म देखने लगा. मेरा नाम सविता है और मेरी उम्र अब ४३ साल है. और जोर-जोर से उसके लंड पर खुदने लगी. कृष्णा कुर्सी पर बैठा था, मैने अपनी टाँगे कुर्सी के दोनों तरफ डाली और कृष्णा के लंड पर बैठ गयी. हम दोनों अपनी-अपनी सेक्स की हवस को खत्म करने के लिए वेबकैम सेक्स भी किया, फ़ोन सेक्स भी किया; लेकिन शरीर की जरुरत को नहीं मिटा पाए.हम दोनों ही किसी बाहरी आदमी के साथ, अपने नए सेक्स सम्बन्ध नहीं शुरू कर करना चाहते थे, लेकिन हम दोनों की ही नियत लड़के और लड़कियों पर ख़राब होने लगी.















