ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.मम्मी लन्ड ऐसे चूस रही थीं जैसे कोई कुल्फी चूसता है उधर मेरा हाथ भी अपने लन्ड पर हल्के हल्के चल रहा था कुछ देर लन्ड चूसने के बाद मम्मी खड़ी हो गई थी अंकल सोफे पर बैठे हुए ही मम्मी के दोनो स्तनों को मसलने और चूसने लगे एक को मसलते तो दूसरे को चूसते निप्पल को मसलते और दातों से काटते मम्मी सिस्यां उठती.वो मम्मी की नाभी पेट को चूमते तो मम्मी मदहोश हो रही थी फिर वो उठे और मम्मी के होठों को चूसने और काटने लगे मम्मी उनका पूरा साथ देने लगी अंकल मम्मी के गालों और गर्दन पर भी चूमने चाटने लगे दोनों एक दुसरे से बुरी तरह से लिपटे हुए थे.फिर मम्मी नीचे बैठी और अंकल का लन्ड मुंह में डाल कर चूसने लगी फिर कुछ देर बाद अंकल बोले शालिनी मेरा होने वाला है मम्मी कुछ नहीं बोली और चुपचाप चूसती रही तभी अंकल का शरीर अकड़ने लगा मैं समझ गया कि अंकल झड़ने वाले हैं उन्होंने मम्मी के बालों को पकड़ लिया.एक लंबी सांस ली और मम्मी के मुंह में ही झड़ गए मम्मी उनका सारा वीर्य घटक गई फिर वो दोनों सोफे पर बैठ गए तभी मम्मी उठी और नंगी ही किचन की और चल दी और दोनो के लिए चाय बना कर















