.उई..उई…….माँ….ओह्ह्ह्ह माँ……अहह्ह्ह्हह…”बोल बोलकर चिल्लाने लगी। दोस्तों वो मेरे सामने नंगी हो गयी थी।दिल तो कर रहा था की बस जल्दी से आंटी को मैं चोद डालू, पर मैं पूरा मजा लेना चाहता था। इसलिए मैंने अपने हाथों से धीरे धीरे राखी आंटी के मस्त मुलायम कबूतरों को दबा रहा था। वो गर्म गर्म सिसिकरियां ले रही थी। मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। फिर मैंने एंटी के पेटीकोट का नारा भी खोल दिया और उनका पेटीकोट भी निकाल दिया।फिर उनकी लाल रंग की पेंटी भी मैंने उतार दी। अब तो मुझे फुल मजा मिल रहा था क्यूंकि राखी आंटी मेरे सामने पूरी तरह से नंगी हो गयी थी। उनका जिस्म बहुत गोरा और अभूत खूबसूरत था। मैं तो बिलकुल ललचा गया था और आंटी को मैंने अपनी बाहों में कस लिया था।फिर मैं धीरे धीरे आंटी के ३६” के बूब्स दबाने लगा और मजा लेने लगा। आंटी “……हाईईईईई…. XXXBF .अई..अई…..” की आवाज आ रही थी। राखी आंटी बेड पर लेटकर वो फिल्म देख रही थी।“आंटी !!” मैंने आवाज लगाई तो वो घबरा गयी और जल्दी से लैपटॉप का पॉवर ऑफ वाला बटन दबाने लगी। पर जल्दबाजी में राखी आंटी ने कई बार वो बटन दबा दिया जिससे वो हैंग हो गया। वो फिल्म बंद नही हुई और उसमें चुदाई वाला सीन चलता ही रहा। रुकने का नाम ही नही ले रहा था।आंटी बहुत















