अनुराधा बच्चो को समझाते हुए बोली। पर स्वाति समझ गई कि आज कुछ गड़बड़ होने वाली हैं। रात में सभी ने खाना खाया और अपने अपने कमरे में चले गये।अनुराधा ने आज अपने कमरे में गुलाब जल छिड़क रखा था। भीनी-भीनी खुश्बू पूरे कमरे में महक रही थी। भूपेश और अनुराधा दोनों अपने बिस्तर पर बैठे बातें करने लगे। अनुराधा के हाथ भूपेश के हाथों में थे। भूपेश ने एक हाथ अनुराधा के बालों में डाला और अनुराधा के भीगे होंठों को चूसने लगे।भूपेश ने अनुराधा की साड़ी खोल दी। अनुराधा ने भी तेजी दिखाई और भूपेश के कपड़े खोल दिये। अब अनुराधा सिर्फ ब्लाउज और पेटीकोट में थी तो भूपेश सिर्फ अण्डरवियर पहने थे। उनका लंड अण्डरवियर में से अपनी झलक दिखला रहा था।भूपेश ने ब्लाउज और पेटीकोट भी खोल दिया। अनुराधा पूरी तरह नंगी हो गई क्योंकि उसने ब्रा और पेंटी नहीं पहनी थी। भूपेश अनुराधा के प्रत्येक अंग को चूमने लगे। अनुराधा उत्तेजित होने लगी। भूपेश ने अनुराधा के बडे -बडे बूब्स को खूब चूसा। एक एक अंग को चूमते चूमते भूपेश के होंठ अनुराधा की चूत को चूसने लगे।अनुराधा बुरी तरह उत्तेजित हो गई। अनुराधा ने एक हाथ से भूपेश की अण्डरवियर में हाथ डाला और उनका लंड पकड लिया। अनुराधा ने भूपेश को उठाया और उनका लंड अपने मुंह में भर लिया। भूपेश तड़पने लगे पर अनुराधा















