किसी तरह यह सब गन्दी बातें दिमाग से हटा कर सो गया. दीदी बोली आअह्ह्ह राआजा चोदो मुझे जोर जोर से चोदो फाड़ डालो मेरी चूत को. XXX Hindi पेग बनाकर उसने अपना पल्लू ठीक किया. खाना खाने के बाद हम लोग टीवी पर पिक्चर देखने लगे.जब शाम हुयी तो मैंने कहा दीदी मैं बाजार होकर आता हूँ. फिर मैं अपने दिल्ली ब्रांच मैनेजर को फ़ोन लगाया. दीदी ने कहा ठीक है आप लोग 7 बजे आ जाना तब तक होटल से खाना भी आ जायेगा.जीजाजी और मैं मार्किट घूम कर करीब 7 बजे घर पहुंचे. मैं संकोच के मारे उन लोगो से काम बातें करता था लेकिन जीजाजी मुझसे काफी हंसी मजाक करते थे.शाम को जीजाजी ने दीदी से कहा हम बाजार होकर आते हैं तुम खाना मत बनाना होटल से मंगवा लेना क्योंकि हमारे साले साहेब के दोस्त की खातिरदारी तो करनी पड़ेगी और वैसे भी मैं 15-20 दिनों के लिए सोमवार की फ्लाइट से राजस्थान जाना हैं. उसके साथ मेरी गहरी दोस्ती हो गई. मेरा हाथ उनकी साडी पर पड़ा पर मुझे मालूम था अगर मैं अपना हाथ थोड़ा निचे सरका लू तो मुझे उनकी जांघे खुली मिलेगी. उनकी एक चचूची की आधी गोलाई मेरे उंगलिओं के निचे आ गयी.















