मेरे राजा और रिक्वेस्ट करने लगी कि मुझे चोदो प्लीज़, मुझे चोदो और मैंने भाभी के कहने पर उनकी अलमारी से कंडोम निकाला. मेरा लंड पेंट में अकड़ने लगा था. BFSex सब कुछ ठीक-ठाक चल रहा था और ऐसे ही 3 महीने निकल गये.भैया सुबह ऑफिस जाते और शाम को घर आते थे. “रंडी भाभी की चुदाई”में बूब्स को तेज़ी से चूसने और मसलने लगा, तो भाभी मस्त होकर, आहह आँह ऊओह करने लगी और वो भी मुझे चूमने लगी और मेरे सर को सहलाने और अपने बूब्स पर दबाने लगी. में भाभी के चूतड़ को दबाते हुए चूत पर क़िस करने लगा. फिर हमने डिनर किया और में अपने कमरे में चला गया और भैया अपने दोस्त से मिलने बाहर चले गये.भैया के दोस्त की फ्लाईट रात के 3 बजे थी, तो लगभग 12 बज चुके थे, भैया और उनके दोस्त गार्डन में बैठे बातें कर रहे थे. अब में चूमते हुए नीचे आया और उनकी नाभि को चूमकर थोड़ी देर जीभ नाभि में घुमाई और हाथों से भाभी के चूतड़ सहलाने और दबाने लगा.















