मेरा नाम डिंपल है। मैं बिलकुल कच्ची कली थी। एक बार भी चुदी नही थी पर मेरे साथ एक घटना हो गयी। मेरे सगे बाबूजी ने मुझे चोद लिया। ये स्टोरी 2 साल पहले शुरू होती है। मेरे बाबू जी मेरी चाची को रखेल बनाये हुए थे। रोज रात में उनकी चूत को अपने 10” मोटे लंड से चोदते थे। Ghar Ke Najayaj Sambandhमेरी माँ की इधर मौत हो गयी थी एक लाइलाज बिमारी से और उधर मेरे चाचा जी को ब्रेन ट्यूमर हो गया था। अब मेरे बाबू जी रडुआ हो गये थे और मेरी सेक्सी चाची जी भरी जवानी में विधवा। धीरे धीरे चाची को बाबू जी से प्यार हो गया था। फिर दोनों चुदाई करने लगे थे।तब मैं सिर्फ 18 साल की थी। मैं अबोध लड़की थी। मुझे मर्द और औरत के जिस्मानी रिश्ते के बारे में किसी तरह की नोलेज नही थी। पर अब मुझे हल्का हल्का पता होने लगा था। एक दिन तो मैंने पूरी कामलीला अपनी आँखों से देख ली।मेरी संध्या चाची बाबूजी के कमरे में जाकर उनसे चिपक गयी थी। दोनों किस करने लगे। धीरे धीरे बात आगे बढ़ गयी। फिर किस शुरू हो गयी। संध्या चाची काफी सेक्सी और जवान औरत थी। उनका बदन गदराया सेक्सी और गोरा था। बाबूजी ने भी उनको कमर में हाथ डालकर पकड़ लिया और सीने से लगा लिया।“संध्या!!















