ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.अब बारी थी चुदने की, मुझे इसका बेशब्री से इंतज़ार था, पर अंदर से डर भी था, और वो पल आ गया जब मेरे चूत पे किसी लंड का स्पर्श हुआ, मैं तो धन्य हो गयी, मजा आ गया यारों. XXX BF रात में जब सोती तो मैं अपनी चूत को सहलाती और और अपने बूब्स को खुद ही प्रेस करती, ये सब करने से सिर्फ मन खराब होता था, क्यों की कुछ होता जाता था नहीं बस आग भड़क उठती.उसके बाद उसने मुझे अपने एक दोस्त के कमरे पे ले गया, मैंने भी चली गई, उसका दोस्त था नहीं वो गाँव गया हुआ था, वह सिर्फ हम दोनों अकेले थे, ये पहले से प्लांड थे, वह जाकर मेरे सारे कपडे उतारे, और फिर मेरे चूत को खूब सहलाया, मेरे बूब्स को पिया, मैं भी खूब मजे ली. मुझे अच्छा लगा, इन तीनो का आईडिया, और वो दोनों मुझे सहलाने लगा.और धीरे धीरे मेरे कपड़े उतर गया और वो दोनों भी उतार लिया, फिर क्या था दोस्तों, एक का लंड तो थोड़ा छोटा था पर एक का लंड बहुत मोटा था, वो जोर जोर से मुझे खूब चोदा, फिर तीनो ने मुझे बारी बारी से चोदा, अब मैं संतुष्ट हुई, मुझे जो चाहिए था मिल गया था.










