मैंने कहा कि हाँ ठीक है. XXXBF इस बार मेरा पूरा लंड उसकी चूत में समा गया और अब वो भी मज़े से अपनी गांड को उठाकर मुझसे अपनी चुदाई करवा रही रही थी, वो अब मुझसे कह रही थी कि प्लीज तुम मुझे हर रोज़ ऐसे ही चोदो, जब तक मेरे पति घर पर ना आ जाए.अब में हाँ के साथ साथ झटके भी लगा रहा था. उसके बाद जांघे और फिर चूत के ऊपर अपना हाथ घुमाने लगा.दोस्तों अभी मैंने चुदाई शुरू नहीं की थी, लेकिन वो तो बहुत गरम हो गई और सिसकियाँ लेने लगी. में तुरंत समझ गया था कि उसने ही मेरे बेग में यह पैसे रखे होंगे और जब मैंने उनकी गिनती की, तब मुझे पता चला कि वो 7500 रूपये थे.दोस्तों मुझे बिल्कुल भी अच्छा नहीं लगा और मैंने मन में सोचा कि में आज शाम को उसे यह पैसे वापस कर दूंगा. फिर उसने मुझे उससे मिलने के लिए बुलाया. फिर तभी मैंने अपनी पैंट की चेन को खोलकर अपने लंड को आज़ाद करके उसके हाथ में दे दिया.वो मेरे लंड को बहुत ध्यान से देख रही थी.















