मेरी सहेली को आज अच्छे से चोदना!! XXXBF ओ हो हो….” करने लगी।“चल दिव्या अब तेरी बारी!!” मनीष आँखों में शबाब भरकर नशीली आँखे बनाकर बोलादिव्या की दोनों टांग फैलाकर किसी रंडी की तरह बेड पर लेट गयी। उसका बेड काफी मोटा और महंगा होने की वजह से बहुत नर्म था और इस पर चुदने में कुछ जादा ही आनन्द आ रहा था। दिव्या ने अपने हाथ को मुंह में लगाकर गीला किया और चूत के दाने पर हाथ लगाकर रगड़ने लगी।“आहहहहहहहहह राज!! अभी मिले 5 दिन भी नही हुए और तूने मनीष से चुदवा भी लिया???” मैंने अपने गालो पर हाथ रखकर बोला.“तेरा भी मनीष से चुदने का मन है तो बोल” दिव्या आँखों में शरारत के साथ बोली.“अरे चुदवा दे जान!! मनीष अपने चुसाई वाले काम पर जुट गया और मुंह लगा लगाकर दांत से चूत के दाने को काट काटकर ऐसे मजे लेने लगा की हम दोनों की चूत और अधिक रस छोड़ने लगी।इस तरह से मनीष से 1 घंटा मनोरंजन किया। फिर मेरे उपर आ गया। मेरे पैर को खोल अपना लंड मेरी चूत में डालने लगा। मैं आह्ह्ह्ह आऊ करने लगी। दोस्तों, उसका 8” लंड 2 इंच मोटा तो आराम से होगा। मनीष ने 4” अंदर मेरी चुद्दी में घुसा दिया। फिर एक मीठा प्यार भरा धक्का दिया और 8” लौड़ा मेरी गुफा की गहराई नापने लगा।“….ऊँ—ऊँ…ऊँ सी















