चलो आज मौसम का फायदा उठाते है!!” मैंने कहा।मैंने खड़े होकर उनको पीछे से पकड़े था और अपनी बाहों में भरे हुए था। फिर अचानक और तेज बारिश होने लगी और चारो तरह घने काले बादल छा गये। दिन में ही रात जैसा अँधेरा हो गया था। तभी जोर की बिजली आसमान में चमकी। बादल गरजे, मामी डर गयी और मेरे सीने से चिपक गयी।उनको बिलजी के कड़कने से बहुत डर लगता था। अब तो मैं और जादा खुश हो गया था। मैं उपर वाले को थैंकस कह रहा था। उसके ही कारण मेरी खूबसूरत चुदासी मामी मेरे सीने से चिपक गयी थी। घर में सब तरह अँधेरा था। सिर्फ एक लालटेन ही धीमी रौशनी में हमारे कमरे में जल रही थी। बाहर भी सन्नाटा था।तभी मैंने मामी को फिर से कमर से पकड़ लिया और उनके होठ चूसने लगा। फिर बेईमान मौसम को देखते हुए वो भी मुझे किस करने लगी। कहना गलत ना होगा की उनका भी अब चुदने का दिल कर रहा था। मामी पूरी तरह से भीग गयी थी पर जब मैं उनको किस करने लगा तो मैं भी भीग गया। बाप रे!!















