मैं भी जल्द सो गया. तभी नुसरत कमरे में आ गयी और जैसे ही वह मूड के वापस जाने लगी रशीद बोल पड़ा, नुसरत बेटे यहाँ आओ और बैठो. BFSex नुसरत अब हिचकियाँ ले रही थी और उसे रशीद ने गोद में बिठाया हुआ था और खुद नुसरत के बेड पर बैठा हुआ था.उस ने मुझे कहा इधर आओ और साथ ही आँख मार दी. मैं डर रहा था मगर अंदर गया.रशीद ने नुसरत को गोद में उठाया हुआ था क्योंकी नुसरत उसे अंकल कहती थी और वो थी भी ऐक 18 साल की मासूम बच्ची. इस दरिंदे से मुझे बचाओ. उसकी बाहें मेरी छाती पर और कस गयी. वह दोनों हाथों से चूत फैला रहा था. मैं आपको हमारे घर के बारे में बता दूँ. मैं तो हैरान रह गया… मैं रशीद के पास गया उस ने कहा कि, गॅंडू अपना जंगिया (शॉर्ट्स) उतारो. मैं फ़ौरन नुसरत की टाँगों के बीच में आ गया और अपना 7″ के करीब लंड को बहन की चूत के ऊपर टिका दिया.रशीद ने अंगुल करके नुसरत की चूत खोल दी थी फिर भी मैने रशीद की तरफ देखा, गांडू कहीं के धक्का मार के थेल दे अंदर. मैने वापस सीधा होते हुए कहा.अरे साले तेरी गान्ड मारूँगा.















