उनके दोनों कबूतर मेरे सामने उछल के हाजिर हो गए. XXXBF इसी तरह वो यामिनी के बाप को साबुन लगाकर नहलाती थी.मैं भी माँ जी के गोल गोल लपलपाते मम्मे पर, उनके पेट, कमर, चूतड़, और पैर में साबुन मल दिया. उनका सीना ब्लाउज के अंदर से जल्दी जल्दी उपर नीचे उठने लगा. २ दिन बाद मैं माँ जी को लेकर दिल्ली भाग गया.क्यूंकि मैं आगरे में माँ जी को ठोक नही माँ रहा था. मुझे अंगराई आने लगती है.मन तो यही होता है की माँ की को पकड़ लूँ, इनके दूध को मुंह में लेकर इनका सारा दूध पी जाऊ और इनको कमरे में ले जाकर इनके साथ खूब जी भरके सुहागरात मनाऊं. माँ जी ने मेरी पीठ खोद डाली. माँ जी टोइलेट सीट पर पेटीकोट उपर करके बैठ गयी. माँ जी को खूब चोदूं, खायुं. माँ जी ये बात साफ साफ जान गयी.मन हुआ की अभी इनको यहीं पटक के चोद लूँ, बाद में किसी तरह अपनी प्रेमिका को मना लूँगा. मेरी मोहल्ले में ही यामिनी रहती है जो मेरी पिछले ५ साल से मेरी गर्लफ्रेंड है. चोद चोद के मैंने उनकी बुर ढीली कर दी. वहीँ तुमको दिन रात खाऊंगा. वो हसंकर बोली. ४० मिनट तक मैंने उनकी चूत रगड़ी और फिर उनके भोसड़े में भी झड गया.




