क्योंकी पर शहर के सब स्टोरेंट में मेरा आना जाना लगा रहता है। फिर दिमाग में एक आइडिया आया की कल, हमारे शहर के पास एक रिजार्ट है 15-20 किलोमीटर दूर है, वहां जाना ठीक रहेगा। अगले दिन मैं जल्दी से तैयार हो गया और घर से ही मैंने मनीषा को फोन किया- “मैं आ रहा है, तुम तैयार हो या नहीं?”उसने कहा- “में बिल्कुल तैयार.”में कार को तेज चलाकर जल्दी से वहां पहुँच गया। मनीषा मेरे इंतजार में पहले ही खड़ी थी। मैंने कार का दरवाजा खोलकर उसको अंदर आने को कहा। उसने आज ब्लैक जीन्स और अँड टाप पहनी हुई थी, जिससे उसका फिगर एकदम मस्त लग रहा था। कार में एसी की फुल कूलिंग थी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.मनीषा बैठते ही बोली- “उहह… कितना अच्छा लग रहा है बाहर कितनी गर्मी थी..”मैंने मुश्कुराकर कहा- “तुम वैसी ही बड़ी गरम हो..”मनीषा भी मुश्कराकर बोली- “और आप ता मिस्टर कल हो जी..”मैंने कहा- “वो कैसे?”मनीषा बोली- “जब से आपको देख रही हूँ आप हमेशा ही कूल रहते हैं.”मनीषा भी मुश्कराकर बोली- “और आप ता मिस्टर कल हो जी..”मैंने कहा- “वो कैसे?”मनीषा बोली- “जब से आपको देख रही हूँ आप हमेशा ही कूल रहते हैं.”मैंने बैंक्स कहा। अब तक मैं म्यूजिक आन कर चुका था। मैंने जानबूझ के एक पुराना गाना चला दिया।मनीषा ने कहा-















