उसने एक पॅंटी को अपने लंड के चारों तरफ लपेट लिया और दूसरी को अपनी नाक पे लगा ली. मेने अपनी उंगलियों को उसके पानी से भिगोने लगी और फिर कॅमरा के सामने देखती हुई अपनी उंगली चूसने लगी. BF XXX “तुम सही मेबहोत ही अच्छा लॉडा चूस्ति हो? “तुम्हारा लंड वाकई में लंबा और मोटा है विवेक.” अमरीश ने कहा.“मनीषा तुम अपने भाई के लंड के बारे में क्या कहती हो?” अमरीश ने कहा.मेने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, “बहोत ही जानदार और सेक्सी है.”“मनीषा अब तुम अपना मुँह पूरा खोल दो, अब तुम्हारा भाई अपना लंड तुम्हारे मुँह में डालेगा, ठीक है.” अमरीश ने कहा.अमरीश की बात सुन में चौंक गयी. फिर मेरी पॅंटी पे लगे धब्बे को अपनी नाक के पास ले जा सूंघने लगा, “एम्म्म क्या सेक्सी सुगंध है विवेक.” कहकर वो पॅंटी को अपने गालों पे रगड़ने लगा. में अपनी बिस्तर पे पड़ी थी. मेने दो चार बार ही चूसा होगा कि उसने अपना लंड निकाल लिया.मेरे पीछे आ उसने एक ही झटके अपना पूरा लंड मेरी गांद में डाल दिया और धक्के मारने लगा. विवेक उन्हे बताने लगा कि कैसे मेने उसे अपनी पॅंटी सूंघते पकड़ा था और कैसे एक दिन पहले वो अमित को हमारे घर लाकर मेरी पॅंटी सूँघाई थी.अमित और अमरीश दोनो ही आछे स्वाभाव के लड़के थे. मेने सोच लिया था कि जिस तरह विवेक















