कि मैं भी उसकी नजरों से पिघल रही हूं, और मेरी चूत भैया के लंड लिए बेचैन है।ये सोच कर मेरा दिल ज़ोर-से धड़क रहा था मेरी नींद उड़ी हुई थी। मैंने किचन में जाकर एक खीरा निकाला, और अपने कमरे में आई लाईट बंद कर दी और अपने कपड़े उतार दिए, नंगी हो गई, फिर बिस्तर पर लेट गई। मेरी 36 इंच के स्तन खुले में थे, निपल्स खड़े हो रहे थे, और मेरी मोटी गांड बिस्तर पर फैली हुई थी।एक 6 इंच का, और उसे अपने मुँह में लिया। मैं भैया को याद कर रही थी, उसकी आँखों को, उसके हाथों को, और सोच रही थी कि अगर वो यहाँ होता तो मेरे हाथ का खीरा उसका लंड होता। मैं एक हाथ से अपनी चूची को मसलते हुए और खीरे को चूसती हुई बोली,तनीषा : “भैया, तेरा लंड मेरी चूत में डाल दे, मेरी चूत को फाड़ दे!”मेरी चूत अब पूरी तरह गीली हो चुकी थी, और मैं खीरे को अपनी चूत में डालने लगी। तभी धीरे से दरवाजा खुला, मैंने मस्ती में आहट नहीं सुनी और भैया अंदर आ गया!तनीषा : ”भैया, आपका चौकलेटी लंड कितना प्यारा है उम् …उम्म …उह्… आह.. XXXBF पुच्च आई लव यू बेबी.तनीषा : भैया, अभी थोड़ा मीठा मीठा प्यारा सा दर्द है पूरा घुस कर ये जालिम मेरी चूत को फाड़ता हुआ मेरी बच्चेदानी










