गर्मियों की धूप में देसी रानी लक्ष्मी का बाहर जंगली संभोग

मैं इस तरह से किसी बिच(रंडी) की तरह जोर जोर से चिल्ला रही थी। मेरे जीजू ६ फुट के लम्बे चौड़े ताकतवर पर्सनालटी के लम्बे चौड़े आदमी थी।मैं ५० किलो वजन की मस्त माल थी, पर जीजू इतने ताकतवर आदमी थे की उनके लौड़े पर मैं किसी हल्के फूल की तरह उचल रही थी। मेरा ५० किलो का भार वो आराम से उठा रहे थे और मुझे उछाल उछालकर मुझे कस कसके चोद रहे थे। मैं पूरी तरह से नंगी थी और उनका मोटा लंड अपनी योनी में लिए बैठी थी। कुछ देर बाद जीजू ने तेज धक्कों के बीच अपना माल मेरी बुर में छोड़ दिया। मैं उनपर लेट गयी और वो मेरे होठ पीने लगे।“ऊँ….आह्ह्ह्ह ..अंकिता……मेरी साली…आज तो तुमने मुझे खुलकर चूत दे दी!! XXXBF तुमको चोदे हुए ८ महीना से जादा हो गया। आज तो मुझे हर हालत में तुम्हारी चूत मारनी है!!” जीजू बोले.मैंने शर्माने लग गयी। उन्होंने मुझे पकड़ लिया और बेडरूम में ले गये। जीजू मुझे मेरी माँ के बेडरूम में ले आये। इसी कमर में, इसी बेड पर मेरी माँ रोज पापा से मजे से चुदवाती थी, और आज मैं जीजू से इसी बेड पर चुदने वाली थी। धीरे धीरे जीजू ने मुझे छूना और किस करना शूरू कर दिया।“जीजू!!…आप नही जानते पर मैं भी आपसे चुदना चाहती हूँ!!…आप ने उस दिन रेस्टोरेंट की कार पार्किंग

गर्मियों की धूप में देसी रानी लक्ष्मी का बाहर जंगली संभोग

Related videos