उसके गाल मेरे गाल से आकर छूने लगे.आंटी गहरी नींद में सो गई थी मैं और सुनिधि धीरे-धीरे बात करने लगे।सुनील: सुनिधि कोई दिक्कत तो नहीं हो रही हैसुनिधि: नहीं भैया मुझे कोई परेशानी नहीं हो रही आप ठीक से हो न।सुनील: हां मैं ठीक हूं, हम दोपहर में जीप का इंतजार कर रहे थे तो तुम कुछ देख कर मुस्कुरा रही थी.सुनिधि: हां भैया बहुत उस कुत्ते कुतिया को मार रहे थे।सुनील: सुनिधि तू अब बड़ी हो गई है तुझे पता है वह कुत्ते क्यों चिपक गए थे.सुनिधि: हां भैया मैंने कई बार कुत्ते को इस तरह करते देखा था.सुनील: जानती है उसे क्या कहते हैं मैंने उसे बताया उसको चुदाई करना कहते हैं हर इंसान करता है यह सब कुछ जानती ही है जब तू जीप में मेरी गोद में बैठी थी तो मुझे देखकर मुस्कुरा क्यों रही थी.सुनिधि: भैया आपका पप्पू मुझे चुभ रहा था.सुनील: वह क्यो?तो वह शर्मा गई मैंने सुनिधि को चूम लिया उसने भी मेरे गालों पर चूम लिया.मैं उसके गाल से अपना गाल बहाने से रगड़ने लगा. XXXBF हा … तेरा सेंस ऑफ ह्यूमर भी गजब का है जानूं आई लव यू। वैसे कल रात मज़ा आया था.सुनिधि: जी भैया (शर्माते हुए) नजरे झुका कर मुस्कुरा कर गर्दन हां में हिला दी.सुनील: आज जो मजा आयेगा उस मज़े के सामने कल रात का मजा कुछ भी










