वो इस तरफ से अपना ध्यान हटाने के लिए बिना रुके उसके साथ हुई घटनाओ को दोहराती जा रही थी.“साले मुझे लेकर उस वीरान पड़े पार्क मे ले आए. फिर मैं उसके बदन के उपर लेट गया और अपना चेहरा उसकी योनि पर रख दिया. XXXBF मेरे सवाल को सुन कर उसने आँखें खोली और बिना कुच्छ कहे हां मे सिर हिलाया.“अब इसे उतारो” मैने उसकी लूँगी की ओर इशारा किया.“मुझे शर्म आती है.”“शर्म किस बात की अभी तो कुच्छ देर पहले मेरे सामने बिल्कुल नंगी थी. कुच्छ देर यूँ ही खड़ी रहने के बाद उसने पीछे मूड कर देखा तो अपनी रुलाई नही रोक सकी. दो कमरे हैं. मैने सेव्लान में भिगो कर रूई को पहले उसके घावों पर फिराया. निपल्स भी तन कर खड़े हो गये थे. मेरा लिंग पूरी तरह तन कर खड़ा हो गया था उसे किसी भी तरह से शांत कर पाना अब मेरे वश मे नही था. फिर मैं उठा और उसे बिस्तर पर लिटा कर उसकी टाँगों को अपने कंधे पर रख लिया. मैं कुच्छ दूर एक खोली लेकर रहती हूँ. उसने अपना पंजा सामने किया.”“पाँच सौ लूँगी पूरी रात का. फिर उसने अपनी आँखें बंद कर ली उसकी होंठों पर वो हल्की सी मुस्कान अभी तक खिली हुई थी.















