तब मजा आये” श्रीवास्तव जी बोले.मैं भाग कर गयी और बार से व्हिस्की की बड़ी बोतल, सोडा और बर्फ ले आई। हम दोनों ने ३ ग्लास शराब पी ली। उसके बाद हम दोनों खुलकर प्यार करने लगे। मेरे मालिक ने धीरे धीरे करके मेरी साड़ी निकाल दी। मेरे काले रंग के ब्लाउस पर से वो मेरे मम्मे दबाने लगे। मैंने भी उनकी शर्त पैंट निकाल दी।फिर श्रीवास्तव जी ने मेरा ब्लाउस भी उतार दिया, मेरी पेटीकोट खोल दिया और मैं नंगी हो गयी। मैंने खुद अपने हाथ पीछे किये और ब्रा निकाल दी। फिर मैंने पेंटी निकाल दी। मेरे नंगे भरे हुए जिस्म को देखकर मेरे मालिक के दिल में आग सी लग गयी। उन्होंने मुझे बाँहों में भर लिया और अपनी औरत की तरह चूमने, चूसने लगे। “Desi Naukrani Sath Sex”“मालिक सच सच बताइये …..की मैं आपके यहाँ ७ साल से काम कर रही थी। रोज सुबह शाम मैं झुक झुककर पोछा मारती थी और अपने मस्त मस्त दूध मैं आपको दिखाकर रोज ललचाती थी….क्या आपका कभी मुझे चोदने का दिल नही किया???” मैंने मालिक से पूछा.“अरी सरला ! XXX Hindi बस पूछ मत। तेरे ४०” के दूध देखकर मैं बहुत बार मुठ मारी है। तुझे चोदने का मेरा दिल बहुत करता था, पर तू कोई कुवारी तो नही थी, शादी शुदा थी, इसलिए मैंने तुझे कभी ना हाथ लगाया!!” मेरे मालिक बोले.उसके















