साहिबा के मुख से फूटने वाली हल्की कराहे उस के भाई का हॉंसला बढ़ा रही थीं और वो हर धक्के पर अपनी पूरी ताक़त लगा रहा था. XXX BF उस ने की होल से कमरे के अंदर देखने की कोशिश की पर उसे कुच्छ नज़र नही आया.इतनी देर में साहिबा को ख़याल आया कि कमरे के दूसरी तरफ एक खिड़की बनी हुई है. उफफफ्फ़ कैसे तने हुए जवान मम्मे थे उस के.“कुछ भी हो एक बात तो है आज़म याद ज़रूर रखेगा इस रात को” चाहे उसकी बहन हूँ लेकिन मेरी जैसी उसे पूरी जिंदगी में दोबारा चोदने को कभी नही मिलेगी……उफ्फ ये में क्या सोच रही हूँ इतना कुछ हो जाने के बाद भी?” साहिबा खुद को दुतकारा.मगर बात थी तो सच. आज़म के लंड से गाढ़ी मलाई निकल कर उस की बहन की चूत को भरने लगी. साहिबा ने मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस करने के बाद बनारस के सरकारी हॉस्पिटल में हाउस जॉब स्टार्ट कर दी.पढ़ाई के दौरान ही साहिबा के वालदान ने दोनो बहनों की शादी के लिए रिश्ता पक्का कर दिया था और फिर एमबीबीएस करने के तकरीबन एक साल बाद साहिबा और उस की बहन की एक ही दिन शादी हो गई.















