फिर मेरे पिता जी और माँ, लखनऊ से वापस आगये. तुम दीक्षा बिटिया से ही पूछ लो! XXXBF फिर उन्होंने चाचा जी का लंड अपने मुँह में भर लिया और चूसने लगी.वो उसको ऐसा चूस रही थी जैसे वो आइसक्रीम की बार खा रही हों.फिर उन्होंने मुझसे वैसे ही करने को कहा, लेकिन मैंने मना कर दिया.तब उन्होंने चाचा के लंड पर ढेर सारा चॉकलेट लगा दिया और कहा,” इसे चॉकलेट समझकर चूसो! उनके वीर्य की गर्मी जैसे मेरी चूत के अंदर महसूस हुयी मैं एकदम से अकड़ गई और मुझे अंजाना सा सुख मिला.हम तीनो ऐसी ही हालत में उसी बिस्तर पर सो गए.मैं रात भर सोती रही और सवेरे ९ बजे मेरी आँख खुली.देखा चाची मेरे बगल में दूध का ग्लास लेकर बैठी हैं, वो ही मेरा चेहरा सहला रही थी जिससे मेरी आँख खुल गयी थी. मैंने लड़को के लंड इधर उधर सड़क पर पेशाब करते हुए देखा था लेकिन ये तो बिलकुल ही उनसे अलग था.मै लंड देख बुरी तरह घबड़ा गयी थी. आज से १५ साल पहले की बात है, मैं अपने पिता जी और माँ के साथ कानपूर से दूर एक कस्बे नरवाल में रहती थी. उन्होंने मुझे बड़े प्यार से चूमा. हर लड़की इस रात के लिये तड़पती है.















